जिलाधिकारी ने कृषकों को भरोसा दिलाया कि आपकी बिक्री की समस्या का निराकरण किया जायेगाः


जिलाधिकारी ने कृषकों के चयन में पूर्ण पारदर्शिता बरतने के दिये निर्देशः


किसान भाई सब्जी, फल, फूल आदि की खेती कर उद्यान विभाग की योजनाओं का लाभ उठायेंः


उन्नाव 21 जुलाई 2020 (सू0वि0) एकीकृत बागवानी विकास मिशन एवं प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना ’पर ड्राप मोर क्राप’ (माइक्रोइरीगेशन) जिला स्तरीय क्रियान्वयन समिति की बैठक को जिलाधिकारी श्री रवीन्द्र कुमार की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट हाल में सम्पन्न हुई।
बैठक में जिला उद्यान अधिकारी, श्री महेश कुमार श्रीवास्तव ने जनपद में संचालित दोनों योजनाओं के उद्देश्य के बारे में जानकारी दी। जिलाधिकारी नें बैठक में उपस्थिति समिति के सदस्यों, प्रगतिशील कृषकों से वार्ता की और पूछा कि आप लोग कौन-कौन सी फसल करते है। जिसमें प्रगतिशील कृषक नामित सदस्य श्री अमरीश सिंह ने बताया कि मै आम के बागान का मालिक हूँ। बहुत ही मेहनत से दशहरी फसल, चैसा, लगड़ा इत्यादि के बाग तैयार किये है। राजू सिंह ने बताया कि मैं केला की खेती करता हूँ। जिसकी बिक्री उन्नाव से कानपुर में होती है। हमारे पास में लेमन ग्रास भी होती है। जिसके विक्रय में समस्या आ रही है। जिसके लिए जिलाधिकारी ने पूर्ण भरोसा दिलाया कि आपकी बिक्री की समस्या का निराकरण किया जायेगा तथा ड्रैगन फूड की खेती करने वाले श्री विजय कुमार गुप्ता, जगत नगर, बांगरमऊ की प्रशंसा करते हुये सभी उपस्थित कृषकों को इन फसल जैसी नयी फसलों को करने के लिये उत्साहवर्धन किया।
जिला उद्यान अधिकारी, श्री महेश कुमार श्रीवास्तव ने वर्ष 2020-21 के लक्ष्यों के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की। उन्होंने बताया विभाग द्वारा एकीकृत बागवानी विकास मिशन में एक नई छोटी पौधशाला, 80 हे0 में नवीन उद्यान रोपण, 46 हे0 में आम, अमरूद एवं केला विगत वर्षों में रोपण उद्यान में रखरखाव, 10 हे0 में फूलों की खेती के अन्तर्गत गेदां की खेती, 56 हे0 में मसालों की खेती के अन्तर्गत हल्दी, प्याज, लहसुन के लक्ष्य, 20 हे0 में पुराने अनुउत्पादक बागों के जीर्णोद्धार, 12000 वर्गमी0 में पालीहाउस का निर्माण, 08 कृषकों के यहाँ मौनपालन कार्यक्रम, 06 कृषकों के यहाँ मशीनीकरण में छोटा ट्रैक्टर एवं पावर ट्रिलर के लक्ष्य, 04 छोटी प्रसंस्करण इकाई, 130 हे0 में शाकभाजी उत्पादन तथा 10 वर्मी कम्पोस्ट यूनिट स्थापना के साथ-साथ प्रचार प्रसार में 01 किसान मेला के लक्ष्य प्राप्त हुये है। जिसपर कुल धनराशि रू0 134.06 लाख व्यय किया जाना प्रस्तावित है।
इसी तरह से प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना ’पर ड्राप मोर क्राप’ (माइक्रोइरीगेश) में 405 हे0 ड्रिप सिंचाई एवं 1327 हे0 स्प्रिंकलर सिंचाई के साथ ही 100 कृषकों के प्रशिक्षण कराने के लक्ष्य प्राप्त हुये है। जिसपर कुल धनराशि रू0 673.41 लाख व्यय किया जाना प्रस्तावित है।
जिला उद्यान अधिकारी ने बताया कि कृषकों को योजनाओं का लाभ प्राप्त करने हेतु upagriculture.com पर पंजीकरण कृषकों को कराना अनिवार्य है। पंजीकृत कृषकों में से ही प्रथम आवक प्रथम पावक के आधार पर कृषकों का चयन कर उनके अभिलेखों का परीक्षणोपरान्त योजना का लाभ दिया जायेगा। प्रस्तावित दोनों योजनाओं के क्रियान्वयन हेतु समिति के द्वारा अनुमोदन प्रदान किया गया।
जिलाधिकारी ने कृषकों के चयन में पूर्ण पारदर्शिता बरतने के निर्देश दिये। कोई भी पात्र कृषक योजना से वंचित न रहने पाये एवं कोई अपात्र व्यक्ति योजना का लाभ न लेने पावे इसका विशेष ध्यान रखा जाये। योजना क्रियान्वयन हेतु ने समाचार पत्रों, सोशल मीडिया तथा प्रचार प्रसार के अन्य माध्यमों से योजनाओं के व्यापक प्रचार करने हेतु जिला उद्यान अधिकारी को निर्देशित किया। जिलाधिकारी ने कृषकों के उत्पादन को प्रोत्साहन करने की जिम्मेदारी अधिकारियों की हैं, प्रगतिशील कृषकों को राज्य स्तर पर पुरूस्कृत कराने का प्रयास किया जाये। तुलसी, लेमन ग्रास, पामा रोजा, खस की खेती को बढ़ावा देने की आवश्यकता है जिससे कृषकों को काफी लाभ प्राप्त हो सकता है।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी डा0 राजेश कुमार प्रजापति, उपकृषि निदेशक डा0 नन्द किशोर, वरिष्ठ कोषाधिकारी, कृषि विज्ञान केन्द्र, धौरा के वैज्ञानिक, अपर मुख्य अधिकारी, जिला पंचायत अधिकारी, सहायक अभियन्ता, लघु सिंचाई सहित योजना प्रभारी, श्री राहुल शुक्ला एवं श्री वीरेश कुमार उपस्थित रहे।

विनीत सिंह ब्यूरो चीफ उन्नाव

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